छात्रों पर कथित हमले को लेकर भाजपा युवा नेता का सरकार पर निशाना

गिरिडीह। झारखंड में JSSC-JPSC परीक्षा विवाद को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट की घटनाओं को लेकर भाजपा युवा नेता मनोज गोस्वामी ने हेमंत सोरेन सरकार और झारखंड मुक्ति मोर्चा पर तीखा हमला बोला है।

मनोज गोस्वामी ने आरोप लगाया कि रांची, गिरिडीह और हजारीबाग समेत कई स्थानों पर अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि छात्र पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत पुतला दहन कर परीक्षा विवाद और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठा रहे थे। ऐसे में उनके आंदोलन का जवाब हिंसा के जरिए देना उचित नहीं है।

भाजपा युवा नेता ने कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके साथ बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले छात्रों को बातचीत और आश्वासन के जरिए शांत कराने का प्रयास किया गया और अब आंदोलन को दबाने के लिए कथित तौर पर दमनात्मक रवैया अपनाया जा रहा है।

गोस्वामी ने हजारीबाग के गांधी मैदान और गिरिडीह में प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कथित हमले का आरोप लगाया। उन्होंने रांची में भी छात्रों के साथ मारपीट की बात कही। हालांकि, इन आरोपों पर प्रशासन या संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

उन्होंने सरकार पर राजनीतिक हमला करते हुए आरोप लगाया कि झामुमो पूरे राज्य में अराजकता का माहौल पैदा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना और लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार देना है।

गोस्वामी ने कहा कि परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों के बीच पहले से नाराजगी है। ऐसे में सरकार को टकराव का रास्ता छोड़कर संवाद और निष्पक्ष जांच की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कथित मारपीट की घटनाओं की जांच कर दोषियों की पहचान करने और कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ उसकी राजनीतिक पहचान से ऊपर उठकर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने युवाओं से भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने की अपील की।

गौरतलब है कि झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। JSSC और JPSC से जुड़े विवादों के बीच छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग उठा रहे हैं। शुक्रवार को भी कई स्थानों पर प्रदर्शन और पुतला दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके दौरान कुछ जगहों पर तनाव और झड़प की खबरें सामने आईं।

मनोज गोस्वामी ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया तो इसका राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध किया जाएगा। फिलहाल छात्र आंदोलन को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने के आसार हैं।

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