सबीहा परवीन बनीं ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज झारखंड महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश महासचिव।

संगठन ने दी नई जिम्मेदारी, महिलाओं की शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को प्राथमिकता देने का लिया संकल्प।

सद्दाम हुसैन/रांची

ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज, झारखंड प्रदेश महिला प्रकोष्ठ में संगठनात्मक विस्तार करते हुए सबीहा परवीन को प्रदेश महासचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी नियुक्ति पर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। सबीहा परवीन की नियुक्ति पर ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज झारखंड प्रदेश अध्यक्ष अबू सईद अंसारी, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष सीमा परवीन, ऑल इंडिया पसमांदा उलेमा बोर्ड के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी मो. सद्दाम हुसैन तथा ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष परवेज हनीफ ने उन्हें मुबारकबाद दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए दुआ की। संगठन के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि सबीहा परवीन पसमांदा समाज के विकास, सामाजिक उत्थान, महिलाओं की जागरूकता और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बेहतर काम करेंगी तथा संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के बाद सबीहा परवीन ने संगठन के उच्च नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जिस विश्वास के साथ यह जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगी। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ समाज के दबे-कुचले और पिछड़े वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि महिलाएं अगर जागरूक और शिक्षित हो जाएं तो पूरे समाज को बेहतर दिशा देने से उन्हें कोई रोक नहीं सकता। उनके अनुसार महिलाएं बच्चों की पहली शिक्षिका होती हैं। मां अपने बच्चों को जिस प्रकार की शिक्षा और संस्कार देती है, उसी के आधार पर बच्चों के व्यक्तित्व और भविष्य का निर्माण होता है। इसलिए समाज की तरक्की के लिए महिलाओं को शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना बेहद जरूरी है। सबीहा परवीन ने कहा कि समाज में महिलाओं का बहुत ऊंचा स्थान है और इस्लाम ने भी महिलाओं को सम्मान एवं अधिकार प्रदान किए हैं। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इल्म हासिल करना हर व्यक्ति के लिए जरूरी है। शिक्षा के बिना इंसान न तो अपने अधिकारों को सही तरीके से समझ सकता है और न ही समाज और दुनिया को बेहतर ढंग से समझने की क्षमता विकसित कर सकता है। उन्होंने कहा कि पसमांदा समाज की तरक्की के लिए शिक्षा सबसे मजबूत आधार है। खासकर बेटियों और महिलाओं की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। जब महिलाएं शिक्षित होंगी तो वे अपने परिवार, बच्चों और समाज के भविष्य को बेहतर दिशा देने में सक्षम होंगी।सबीहा परवीन ने कहा कि वह संगठन के नेतृत्व द्वारा दिए गए विश्वास पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास करेंगी और पसमांदा समाज के विकास, महिलाओं की शिक्षा, जागरूकता तथा सामाजिक अधिकारों के लिए निरंतर काम करती रहेंगी। संगठन के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि सबीहा परवीन की नई जिम्मेदारी से झारखंड में महिला प्रकोष्ठ को और मजबूती मिलेगी तथा अधिक से अधिक महिलाओं को संगठन से जोड़कर उन्हें शिक्षा, सामाजिक अधिकार और विकास के मुद्दों पर जागरूक किया जाएगा।

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