जामताड़ा में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने पर जोर, 11 सदस्यीय कमेटी गठित

संवाददाता शेख शमीम

प्रतिनिधि, जामताड़ा। समाहरणालय सभागार में रविवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में जिले में ब्लड डोनेशन अवेयरनेस एंड मॉनिटरिंग कमिटी की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों के नियमित आयोजन, रक्त संग्रहण, सुरक्षित भंडारण और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। कमेटी में पुलिस अधीक्षक, समादेष्टा झारखंड सशस्त्र पुलिस, वन प्रमंडल पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, रक्त केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, आईएमए के प्रतिनिधि तथा स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।
बैठक में जिले में उपलब्ध रक्त केंद्र की वर्तमान क्षमता, संसाधनों और भविष्य की आवश्यकताओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को जिले की वर्तमान एवं भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समन्वित और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराया जा सके।
रक्तदान के प्रति लोगों को जागरूक करने पर जोर
उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। जिले में रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आम लोगों के बीच रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।
उन्होंने सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संस्थाओं और अन्य संगठनों के सहयोग से नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया। महत्वपूर्ण दिवसों के अलावा बड़े सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान भी रक्तदान शिविर आयोजित करने और अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने पर बल दिया गया।
उपायुक्त ने रक्तदान को लेकर लोगों के बीच मौजूद भ्रांतियों को दूर करने तथा युवाओं एवं आम नागरिकों को रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया।
रक्त संग्रहण और सुरक्षित भंडारण की होगी समीक्षा
बैठक में रक्त संग्रहण, सुरक्षित भंडारण तथा जरूरत के अनुसार रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षा की गई। उपायुक्त ने रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं को सम्मानित करने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया, ताकि अन्य लोग भी स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित हों।
वहीं, रक्त केंद्र में अतिरिक्त स्थान की आवश्यकता को देखते हुए भवन प्रमंडल को एस्टीमेट तैयार करने का निर्देश दिया गया। बैठक में रक्त केंद्र की क्षमता बढ़ाने और उपलब्ध संसाधनों को बेहतर बनाने को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. एसके मिश्रा, नगर परिषद मिहिजाम के कार्यपालक पदाधिकारी, एमओआईसी, डीपीएम सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।
जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि जिले में रक्त की कमी के कारण किसी जरूरतमंद मरीज को परेशानी का सामना न करना पड़े और समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराया जा सके।

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