जामताड़ा। समाहरणालय सभागार में सोमवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी (DeGS) की समीक्षात्मक बैठक हुई। बैठक में ई-गवर्नेंस से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और सेवाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में आईआरएडी, कॉमन सर्विस सेंटर, झारसेवा पोर्टल, विभिन्न प्रमाण पत्र, यूआईडीएआई, संचार मीनार और डिजिटल पंचायत समेत कई बिंदुओं पर क्रमवार चर्चा हुई। सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों की निगरानी के लिए आईआरएडी/ई-डार पोर्टल पर अपलोड किए गए डाटा की भी समीक्षा की गई।
लंबे समय से बंद प्रज्ञा केंद्रों पर होगी कार्रवाई
जिले में संचालित प्रज्ञा केंद्रों की स्थिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि कुल 1764 प्रज्ञा केंद्रों में 941 सक्रिय और 804 निष्क्रिय हैं। इस पर उपायुक्त ने निष्क्रिय केंद्रों को जल्द सक्रिय करने का निर्देश दिया।
उन्होंने लंबे समय से बंद पड़े प्रज्ञा केंद्रों पर आर्थिक दंड लगाने और जरूरत पड़ने पर लाइसेंस रद्द करने को कहा। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रज्ञा केंद्र में उपलब्ध सेवाओं और निर्धारित शुल्क की दर तालिका प्रमुखता से प्रदर्शित होनी चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने की शिकायत मिलने पर संबंधित केंद्र के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर लाइसेंस रद्द करने के साथ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश भी दिया गया।
झारसेवा की पेंडेंसी जल्द खत्म करने का निर्देश
झारसेवा पोर्टल पर लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को पेंडेंसी कम करने और लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। प्रमाण पत्रों के लिए प्रज्ञा केंद्रों के माध्यम से आवेदन की प्रक्रिया को भी सरल बनाने के निर्देश दिए गए।
डिजिटल पंचायत और इंटरनेट कनेक्टिविटी पर जोर
डिजिटल पंचायत की समीक्षा के दौरान भारतनेट कनेक्टिविटी की जानकारी ली गई। जिन पंचायतों में कनेक्टिविटी बाधित है, वहां इसे जल्द दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का संचालन प्रभावित न हो।
वहीं डिजिटल लाइब्रेरी के संचालन की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने पुनः निविदा प्रक्रिया पूरी कर इसे जल्द शुरू कराने का निर्देश दिया।
जल्द शुरू हो सकती है विजिटर मैनेजमेंट सुविधा
बैठक में एनआईसी जामताड़ा द्वारा विकसित किए जा रहे विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम की भी जानकारी ली गई। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि अगले महीने तक यह सुविधा आम लोगों के लिए उपलब्ध होने की संभावना है।
SC/ST/OBC और महिलाओं को मुफ्त कंप्यूटर प्रशिक्षण
उपायुक्त ने NIELIT (National Institute of Electronics and Information Technology) के साथ समन्वय कर जिले में कंप्यूटर एवं अन्य तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में भी तेजी लाने का निर्देश दिया। प्रस्ताव के अनुसार SC/ST/OBC वर्ग और महिलाओं को निःशुल्क, जबकि अन्य लोगों को नाममात्र शुल्क पर तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
बैठक में उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा, जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेंब्रम, जिला शिक्षा अधीक्षक विकेश कुणाल प्रजापति, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी संतोष कुमार घोष, डीपीओ यूआईडीएआई राजीव कुमार, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर बिरजू राम सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।









