रानीश्वर/दुमका। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस के अवसर पर बुधवार को दुमका जिले के रानीश्वर प्रखंड में ईद मिलाद-उन-नबी का जुलूस निकाला गया। जुलूस में मुस्लिम समुदाय के बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया। आयोजन के दौरान लोगों ने प्रेम, इंसानियत, भाईचारे और शांति का संदेश दिया।
ईद मिलाद-उन-नबी के अवसर पर निकाला गया जुलूस हामिदपुर और पाथरा से शुरू हुआ। इसके बाद जुलूस रानीश्वर बाजार समेत क्षेत्र के प्रमुख मार्गों से होते हुए सुखजोड़ा गांव तक पहुंचा। इसके बाद जुलूस पुनः हामिदपुर पहुंचा, जहां से विभिन्न गांवों से आए लोग अपने-अपने गांव लौट गए।
जुलूस में पाथरा, लकड़ाघाटी, रांगलिया, हकीकतपुर, तसरकांटा, एकतल्ला समेत करीब 12 से 15 गांवों के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भाग लिया। जुलूस में बुजुर्गों के साथ बड़ी संख्या में युवा भी शामिल रहे। डीजे और बैंड-बाजे की धुन पर युवाओं ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस रही मुस्तैद
जुलूस को लेकर रानीश्वर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी। रानीश्वर थाना प्रभारी त्रिपुरारी कुमार स्वयं जुलूस के साथ मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
वहीं, जुलूस के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जगम्मनपुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक शिव श्याम पांडे के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। पुलिस जवानों ने जुलूस के मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था संभाली और शांतिपूर्ण तरीके से आयोजन संपन्न कराया।
प्रेम, भाईचारे और शांति का दिया संदेश
ईद मिलाद-उन-नबी इस्लाम धर्म के पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय पैगंबर साहब के जीवन और उनके संदेशों को याद करता है। धार्मिक कार्यक्रम, मिलाद, नात-ए-पाक और जुलूस आयोजित किए जाते हैं।
रानीश्वर में निकले जुलूस के दौरान भी नात-ए-पाक और धार्मिक नारों की गूंज सुनाई दी। प्रतिभागियों ने अनुशासन के साथ नगर के प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया। जगह-जगह स्थानीय लोगों द्वारा जुलूस का स्वागत भी किया गया।
आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने कहा कि ईद मिलाद-उन-नबी का संदेश मानवता, प्रेम, दया, भाईचारे और शांति से जुड़ा है। इस अवसर पर सभी को आपसी सौहार्द और सामाजिक एकता बनाए रखने का संदेश दिया गया।
शांतिपूर्ण माहौल में जुलूस के संपन्न होने के बाद सभी लोग अपने-अपने गांव लौट गए। पुलिस प्रशासन की सतर्कता और आयोजकों के सहयोग से पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था बनी रही।









