जामताड़ा। सदर अस्पताल जामताड़ा में चिकित्सकों की ड्यूटी और समय पर उपलब्धता को लेकर एक मामला सामने आया है। बिंदापाथर थाना क्षेत्र के चिहुटिया गांव निवासी ज्योत्सना देवी घायल अवस्था में इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचीं। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक के समय पर उपलब्ध नहीं रहने से मरीज के उपचार और आगे रेफर किए जाने की प्रक्रिया में परेशानी हुई।
परिजनों और जेएलकेएम जिलाध्यक्ष मंतोष महतो की ओर से आरोप लगाया गया कि डॉ. आर. जेबा की ड्यूटी सुबह 9 बजे से थी, लेकिन काफी देर तक उनके अस्पताल में मौजूद नहीं रहने के कारण मरीज को इंतजार करना पड़ा। मरीज की स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने की जरूरत बताई गई थी।
मामला सामने आने के बाद अस्पताल में चिकित्सकों की ड्यूटी व्यवस्था और गंभीर मरीजों के लिए वैकल्पिक चिकित्सा व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। परिजनों का कहना है कि इमरजेंसी स्थिति में मरीजों को चिकित्सकीय प्रक्रिया के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़े, इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्था और मजबूत करनी चाहिए।
हालांकि, अस्पताल प्रबंधन की ओर से आरोपों पर अलग जानकारी सामने आई है। अस्पताल प्रबंधक विनित कुमार के मुताबिक संबंधित चिकित्सक अस्पताल पहुंची थीं और करीब 15 मिनट की देरी हुई थी। उनका कहना है कि इस दौरान अस्पताल में मौजूद चिकित्सक ने मरीज का उपचार किया।
वहीं, संबंधित चिकित्सक डॉ. आर. जेबा से पूरे मामले पर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉ. एसके मिश्रा ने जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक की ड्यूटी के समय अस्पताल में मौजूदगी और मरीज को हुई कथित परेशानी की जानकारी जुटाई जाएगी। जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, इस पूरे मामले में जांच के बाद ही यह तस्वीर साफ होगी कि चिकित्सक की वास्तविक अनुपस्थिति कितनी देर रही और घायल मरीज को इलाज या रेफर की प्रक्रिया के दौरान कितनी देर तक इंतजार करना पड़ा।









