खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में झामुमो आंदोलन की तैयारी, केंद्र से विधेयक वापस लेने की मांग

जामताड़ा। समीम अंसारी

झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए खान एवं खनिज संशोधन विधेयक 2026 का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की गई है। झामुमो ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ पार्टी बड़े आंदोलन की तैयारी कर रही है और इसी वजह से भाजपा द्वारा भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों के माध्यम से जनता का ध्यान मुख्य मुद्दे से भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा जिला कोषाध्यक्ष सह युवा नेता प्रदीप मंडल ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) और जेपीएससी (JPSC) सहित वर्ष 2014 से आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर पेपर लीक, अनियमितता और धांधली के आरोपों के बाद छात्रों की ओर से व्यापक आंदोलन किए गए। इसके बाद कैबिनेट की बैठक में कुछ परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय को लेकर न्यायालय में मामला गया और झारखंड उच्च न्यायालय, रांची की ओर से रोक लगाए जाने की बात कही गई।
प्रदीप मंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के वर्ष 2014 से 2019 तक के कार्यकाल में हुई विभिन्न विभागों की नियुक्तियों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के लोगों को भी विभिन्न पदों पर नियुक्तियां दी गईं। शिक्षकों की नियुक्ति में स्थानीय भाषा की जानकारी को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि स्थानीय भाषा नहीं जानने वाले शिक्षक बच्चों को किस प्रकार पढ़ाते होंगे, यह सहज रूप से समझा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि झामुमो आंदोलन की उपज है और लंबे संघर्ष के बाद झारखंड राज्य का गठन हुआ है। पार्टी राज्य के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी।
प्रदीप मंडल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए खान एवं खनिज संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ झामुमो व्यापक आंदोलन करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आंदोलन को कमजोर करने और जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड के कोयला, लोहा, अभ्रक, बॉक्साइट सहित अन्य खनिज संसाधनों पर राज्य के हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
झामुमो नेता ने केंद्र सरकार से खान एवं खनिज संशोधन विधेयक 2026 को वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर पार्टी बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।

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