अभी तो यह झांकी है, पिक्चर अभी बाकी है!”—जामताड़ा में गरजे इरफान अंसारी, भाजपा को दी खुली चेतावनी

जामताड़ा। खनन एवं खनिज विकास और विनियम संशोधन विधेयक 2026 तथा चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर गुरुवार को जामताड़ा के महात्मा गांधी चौक के समक्ष कांग्रेस की ओर से व्यापक जन आंदोलन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर झारखंड के अधिकारों और खनिज संपदा को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल कांग्रेस की नहीं, बल्कि झारखंड के जल, जंगल, जमीन, खनिज संपदा और जनता के अधिकारों की लड़ाई है।

डॉ. अंसारी ने कहा कि भाजपा जिस कानून को लेकर आई है, उसे ऐसे राज्यों में लागू करने का प्रयास किया जा रहा है, जहां भाजपा की सरकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार झारखंड को कमजोर करना चाहती है और आदिवासी, मूलवासी एवं आम जनता के अधिकारों पर चोट कर रही है।

मंत्री ने दावा किया कि इस कानून के माध्यम से झारखंड के करीब 15 हजार करोड़ रुपये के अधिकार को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब झारखंड के लोग अपने अधिकारों और विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलित थे, उसी दौरान विधेयक को जल्दबाजी में संसद से पारित कराने का काम किया गया।

“अभी तो यह झांकी है…”

डॉ. इरफान अंसारी ने भाजपा को चेतावनी भरे अंदाज में कहा, “अभी तो यह झांकी है, अगर बिल वापस नहीं लिया गया तो पिक्चर अभी बाकी है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस कानून को झारखंड में लागू नहीं होने देगी और जनता के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक मजबूती के साथ लड़ी जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भाजपा की नीतियों का असर गरीब, किसान, युवा, छात्र और आम जनता पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य के आर्थिक अधिकार कमजोर हुए तो इसका असर मंईयां सम्मान योजना, बच्चों की छात्रवृत्ति और गरीबों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि भाजपा को अगर कानून बनाना ही है तो युवाओं को रोजगार देने, किसानों को मजबूत करने और गरीबों का जीवन बेहतर बनाने के लिए कानून बनाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर केवल योजनाओं के नाम बदलने से जनता की जिंदगी नहीं बदलती।

चंदा चोरी के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा

राम मंदिर का जिक्र करते हुए डॉ. अंसारी ने कहा कि मंदिर निर्माण से किसी को आपत्ति नहीं थी, लेकिन मंदिर के नाम पर चंदे को लेकर उठे सवालों का जवाब भाजपा को देना चाहिए।

उन्होंने तीखे अंदाज में कहा, “जो उत्तर प्रदेश की रक्षा नहीं कर सकता, मंदिर की रक्षा नहीं कर सकता, वह देश की रक्षा क्या करेगा।”

इसी दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, “ढोंगी बाबा, मैं उत्तर प्रदेश आ रहा हूं। चंदा चोरी का पाई-पाई हिसाब लेंगे।” उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम का राजनीतिक माहौल और गरमा गया।

मंत्री ने दावा किया कि 2029 में राहुल गांधी के नेतृत्व में देश में राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि झारखंड समेत पूरे देश में बदलाव का माहौल बन रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने भी साधा निशाना

जिला कांग्रेस अध्यक्ष दीपिका बेसरा ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा पर पहला अधिकार झारखंड की जनता का है। केंद्र सरकार द्वारा राज्य के अधिकारों को कमजोर करने का कोई भी प्रयास कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी।

जिला कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष विजय दुबे ने कहा कि भाजपा की नीतियों के खिलाफ बड़ी संख्या में लोगों का सड़क पर उतरना आने वाले राजनीतिक बदलाव का संकेत है। उन्होंने कहा कि किसानों, युवाओं, गरीबों और आदिवासी-मूलवासी समाज के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

विरोध-प्रदर्शन के बाद जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से जिला उपायुक्त को सौंपा गया। ज्ञापन में विवादित प्रावधानों और विधेयक को वापस लेने, झारखंड के आर्थिक एवं खनिज अधिकारों की रक्षा करने तथा राज्यहित से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार से पुनर्विचार करने की मांग की गई।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक विरोध कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड के अधिकार, सम्मान और भविष्य की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने जनता की आवाज नहीं सुनी तो आंदोलन को और व्यापक एवं चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारे लगाते हुए कहा—
“झारखंड का हक नहीं छिनने देंगे, जनता की आवाज नहीं दबने देंगे।”

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