जागरूकता के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की जरूरत
बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को रोकने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जन-जागरूकता को और मजबूत करने की जरूरत है। सरकार की “बाल विवाह मुक्त भारत” पहल का उद्देश्य बाल विवाह की रोकथाम, कानून के प्रति जागरूकता और समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देना है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, बच्चों की शिक्षा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाना आवश्यक है। साथ ही बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी घर-घर तक पहुंचाकर पात्र लाभुकों को योजनाओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
समाज के जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, शिक्षकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी से बाल विवाह पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। बाल विवाह रोकना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।
संदेश:
“बेटियों को पढ़ाएं, उनका भविष्य संवारें। बाल विवाह रोकें और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचाएं।”
सामाजिक कार्यकर्ता शांति गोपाल माहातो,
वार्ड सदस्य अल्पना रुज
ग्रामीण सच्चिदानंद गोस्वामी ,हरिपद गोस्वामी ,भाग्य देवी मंडल, आदि ग्रामीण









