तीन युवकों ने बार्ब्ड वायर काटकर परिसर में किया प्रवेश, डीजी सेट की बैटरियां निकालने का प्रयास; ग्रामीणों ने डीसी से कार्रवाई और नियमित गश्ती की मांग की
जरमुंडी/दुमका। दुमका जिले के जरमुंडी प्रखंड अंतर्गत सहारा गांव स्थित 5000 एमटी क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज में बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे दिनदहाड़े चोरी के प्रयास का मामला सामने आया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। दिनदहाड़े चोरी के प्रयास की घटना से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। लोगों ने कोल्ड स्टोरेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से तत्काल सुरक्षा बढ़ाने और नियमित पुलिस गश्ती कराने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, करीब 18 से 19 वर्ष की उम्र के बताए जा रहे तीन युवक कथित तौर पर कोल्ड स्टोरेज परिसर में अनधिकृत रूप से दाखिल हुए। आरोप है कि युवकों ने परिसर की बार्ब्ड वायर काटकर अंदर प्रवेश किया और मशीन रूम का ताला तोड़ दिया।
इसके बाद युवकों ने परिसर में लगे 320 केवीए डीजी सेट का लॉक तोड़कर उसकी दो बैटरियां निकालने का प्रयास किया। बताया जाता है कि एक बैटरी को परिसर से बाहर निकालकर रख दिया गया, जबकि दूसरी बैटरी को बाउंड्री वॉल के बाहर फेंक दिया गया। इसी दौरान परिसर में तैनात सुरक्षा गार्ड को संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिली। गार्ड के मौके पर पहुंचते ही तीनों युवक वहां से फरार हो गए। इस कारण वे बैटरियां अपने साथ ले जाने में सफल नहीं हो सके।
डीजी सेट से डीजल निकालने का भी प्रयास
घटना के बाद परिसर की जांच के दौरान डीजी सेट से डीजल निकालने के प्रयास के भी संकेत मिले। मौके से कुछ औजार और एक सीढ़ी बरामद होने की बात सामने आई है। इन सामानों का इस्तेमाल चोरी के प्रयास में किया गया था या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बाउंड्री के बाहर तीन बच्चे भी दिखे
घटना के दौरान सुरक्षा गार्ड ने करीब 12 से 14 वर्ष की उम्र के तीन बच्चों को भी परिसर की बाउंड्री के बाहर बैटरियों के आसपास देखा। गार्ड के अनुसार, बच्चे वहां संदिग्ध रूप से निगरानी करते हुए प्रतीत हो रहे थे। हालांकि बच्चों की घटना में वास्तविक भूमिका क्या थी, यह जांच का विषय है। पुलिस से पूरे मामले की जांच कर यह पता लगाने की मांग की गई है कि कहीं किसी अन्य व्यक्ति द्वारा बच्चों को निगरानी के लिए तो नहीं भेजा गया था।
घटना के बाद मौके पर जुटे ग्रामीण
चोरी के प्रयास की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण कोल्ड स्टोरेज परिसर के पास पहुंच गए। ग्रामीणों ने कहा कि 5000 एमटी क्षमता वाला यह कोल्ड स्टोरेज किसानों की कृषि उपज के सुरक्षित भंडारण के लिए महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना है। ऐसे में दिनदहाड़े परिसर में चोरी का प्रयास होना सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा गार्ड की नजर नहीं पड़ती तो मशीनरी की महत्वपूर्ण बैटरियां चोरी हो सकती थीं। इससे भविष्य में किसानों को अपनी कृषि उपज के भंडारण और कोल्ड स्टोरेज के संचालन को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
डीसी और पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने दुमका उपायुक्त से मामले में तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। साथ ही संबंधित थाना पुलिस से घटना की गंभीरता से जांच कर चोरी के प्रयास में शामिल लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने कोल्ड स्टोरेज और आसपास के इलाके में नियमित पुलिस गश्ती कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि दिनदहाड़े हुई घटना के बाद रात के समय सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है।
सुरक्षा के साथ एप्रोच रोड की समस्या भी उठी
ग्रामीणों ने कोल्ड स्टोरेज तक पहुंचने के लिए बेहतर एप्रोच रोड नहीं होने की समस्या भी उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज तभी पूरी तरह उपयोगी साबित होगा, जब वहां तक कृषि उपज लेकर आसानी से पहुंचने के लिए सुगम सड़क की व्यवस्था हो।
लोगों ने प्रशासन से मांग की कि चोरी के प्रयास की जांच और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ एप्रोच रोड की समस्या पर भी ध्यान दिया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि किसानों के हित में तैयार किए गए इस महत्वपूर्ण कृषि आधारभूत ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। प्रशासन यदि नियमित गश्ती, पर्याप्त सुरक्षा और बेहतर पहुंच मार्ग की व्यवस्था करता है, तो किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा और कोल्ड स्टोरेज की सुरक्षा को लेकर बनी चिंता भी दूर हो सकेगी।
हालांकि, चोरी के प्रयास में शामिल युवकों की पहचान और घटना में अन्य लोगों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।









