राँची में स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा, अब बच्चों पर भी हमला!

H1N1 की चपेट में 5 बच्चे, 5 माह का नवजात भी संक्रमित

राँची से इस वक्त की बड़ी स्वास्थ्य खबर सामने आ रही है। राजधानी में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। अब तक जहां संक्रमण का असर वयस्कों में देखने को मिल रहा था, वहीं अब बच्चे भी इसकी चपेट में आने लगे हैं।

राँची में स्वाइन फ्लू से संक्रमित पांच बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें भागलपुर का महज पांच माह का एक नवजात भी शामिल बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ बच्चों को पहले निमोनिया की शिकायत थी। इलाज के दौरान जांच कराई गई तो H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई।

⚠️ बच्चों में इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

स्वाइन फ्लू होने पर अचानक तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर और मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

बच्चों में उल्टी और दस्त की शिकायत भी हो सकती है।

लेकिन अगर बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो, सांस बहुत तेज चलने लगे, लगातार तेज बुखार रहे, बच्चा बेहद सुस्त हो जाए, दूध-पानी पीना छोड़ दे या होंठ और चेहरा नीला पड़ने लगे, तो यह गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखने पर बिना देरी किए चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।

🏥 स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, RIMS में अलग व्यवस्था

बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। रिम्स और सदर अस्पताल को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

रिम्स में संक्रमित मरीजों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। कॉटेज के ग्राउंड फ्लोर को स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए आरक्षित किया गया है, ताकि संक्रमित मरीजों को अलग रखकर इलाज और निगरानी की जा सके।

वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने दूसरे राज्यों और शहरों से आने वाले मरीजों को लेकर विशेष निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

🔴 अब सबसे बड़ा सवाल

राजधानी में H1N1 संक्रमण का दायरा बढ़ रहा है और अब बच्चे भी इसकी चपेट में हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों में दिखाई देने वाले फ्लू जैसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए और गंभीर लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

R ONE BHARAT TV की अपील—सतर्क रहें, लक्षणों को पहचानें और जरूरत पड़ने पर समय पर इलाज कराएं।

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