कुंडहित ( जामताड़ा):शुक्रवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित हटिया परिसर में वामपंथी दलों की ओर से खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 के विरोध में एक दिवसीय नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। सभा के दौरान केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार की नीतियों का जोरदार विरोध किया गया तथा विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी की गई।सभा की अध्यक्षता बदला मंडल ने की। मौके पर वक्ताओं ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और यहां के खनिज संसाधनों पर झारखंड की जनता का अधिकार सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों पर कॉरपोरेट कब्जा और लूट किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
वक्ताओं ने राज्यों के खनिज अधिकारों पर हमला बंद करने, राज्य के राजस्व एवं कराधान शक्तियों की रक्षा करने, खनिज-संपदा वाले राज्यों के अधिकारों का हनन रोकने तथा संघीय ढांचे और राज्यों की स्वायत्तता की रक्षा करने की मांग की। साथ ही खनिज-युक्त भूमि पर केंद्र सरकार का बढ़ता नियंत्रण वापस लेने और 2024 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को कमजोर करने की कोशिश बंद करने की मांग उठाई गई।सभा में खनन प्रभावित आदिवासी एवं स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा करने तथा झारखंड की खनिज संपदा पर झारखंड का अधिकार सुनिश्चित करने की मांग भी की गई। वाम दलों के नेताओं ने कहा कि “खनिज संपदा जनता की है, कॉरपोरेट लूट के लिए नहीं।”मौके पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय परिषद सदस्य कन्हाई चंद्र माल पहाड़िया, जिला सचिव गौर रवानी, सीपीआई (एमएल) के सचिव सुकुमार बाउरी, लखी सोरेन, लकी लाल मुर्मू, धनेश्वर गोराई, निरामय डोम, उत्तम बागती, हिरेण बाउरी, मंटू बागती सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।









