पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, घटनास्थल का लिया जायजा; पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग
जामताड़ा। कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के थंडाराडीह गांव में कथित तोड़फोड़, मारपीट, गाली-गलौज और लूटपाट की घटना को लेकर बुधवार को भाजपा का प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा के नेतृत्व में पहुंचे भाजपा नेताओं ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली। प्रतिनिधिमंडल ने घटनास्थल का भी जायजा लिया और स्थानीय लोगों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
प्रदेश अध्यक्ष को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
भाजपा के प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों और स्थानीय लोगों से बातचीत की है। घटना से जुड़ी तथ्यात्मक जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को सौंपी जाएगी। साथ ही मामले की जानकारी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भी दी जाएगी।
गणेश मिश्रा ने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान कानून के दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी, तो उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होनी चाहिए थी। किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।
पूर्व सांसद ने अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की
पूर्व सांसद सुनील सोरेन ने थंडाराडीह मामले में स्थानीय डीएसपी और इंस्पेक्टर की भूमिका की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि घटना की वास्तविकता सामने आ सके और किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो।
वहीं पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मामले को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि घटना की गंभीरता के अनुरूप उचित धाराएं नहीं लगाई गई हैं। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से मामले की निष्पक्षता के साथ जांच करने की मांग की।
सोशल मीडिया टिप्पणी को लेकर भाजपा ने कही बड़ी बात
भाजपा नेताओं ने कहा कि यदि सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक धार्मिक टिप्पणी की गई थी, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए थी। लेकिन किसी भी स्थिति में भीड़ या किसी व्यक्ति द्वारा कानून अपने हाथ में लेना उचित नहीं है।
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि घटना में जिन लोगों के साथ कथित रूप से मारपीट, तोड़फोड़, गाली-गलौज या लूटपाट हुई है, उनकी शिकायतों की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। सभी पक्षों को सुनकर निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई किए जाने की मांग की गई।
पीड़ित परिवारों की सुरक्षा की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवारों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की। भाजपा नेताओं ने कहा कि घटना के बाद परिवारों में भय का माहौल है, ऐसे में प्रशासन को उनकी सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
भाजपा नेताओं ने स्पष्ट कहा कि दोषी चाहे किसी भी पक्ष का हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस जांच में किसी प्रकार का पक्षपात नहीं होना चाहिए और पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि मामले में उचित और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। नेताओं ने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए भाजपा हर स्तर पर आवाज उठाएगी।
थंडाराडीह गांव में भाजपा प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने के बाद घटना को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। अब पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।









